पत्थर के खदान अऊर स्टॉकयार्ड मा,पहिया फोर्कलिफ्ट लोडरभारी उठावै वाले हैं जवन सब कुछ चलत रखत हैं। लेकिन अगर आप नाहीं जानत हैं कि आप का खोजत हैं, तौ गलत मशीन चुनब आसान है, जेहिसे कम दक्षता अऊर आसमान -उच्च लागत होत है।
इहाँ एक त्वरित गाइड है जवन आपका आपन काम के लिए सही मशीन से मिलान करै, आम गलतियन से बचे अऊर अपने पैसे के लिए सबसे अच्छा मूल्य प्राप्त करै में मदद करत है।


चरण 1: आपन काम करा, फिर आपन टन चुनौ
ई सबसे महत्वपूर्ण कदम है। आपका ई जानय के जरूरत है कि मशीन कहाँ काम करि।
पत्थर के खदान: अगर आप पूरे दिन कच्चे ब्लॉकन का स्थानांतरित करत हैं, तौ आप उच्च-आवृत्ति, भारी-ड्यूटी काम देखत हैं। आपका एक बड़ी मशीन-28-33 टन या ओसे अधिक के जरूरत होई। आपका गंभीर भार क्षमता, स्थिरता अऊर बिना टूटे दुरुपयोग का संभाले के लिए पर्याप्त "कठोरता" वाला कुछ चाही।
छोट से मध्यम भार: अगर सामग्री इतनी भारी नाहीं है, तौ एक छोट या मध्यम - टन मॉडल बहुत है। ई अधिक फुर्तीला हैं, ईंधन पर बचत करत हैं, अऊर आपका आपन पइसा के लिए बहुत बेहतर धमाका देत हैं।
भारी-ड्यूटी स्टॉकयार्ड: जब आपके पास हर तरह के पत्थर के आकार, गैर--स्टॉप काम अऊर खुरदरी जमीन हो, तौ 28-50 टन भारी-भरकम मॉडल के लिए जावा। ई टिकै के लिए बनावा गा अहै अऊर आपके डाउनटाइम का कम से कम रखिहैं।
चरण 2: आपका कौन सा संरचना चुनै का चाही?
लोडर के बनावै के तरीका से ई कैसे काम करत है, यहिमा बहुत फर्क पड़त है।
6-लिंक संरचना: ई डिजाइन सरल है, रखरखाव मा सस्ता है, अऊर ऑपरेटर का एक बढ़िया दृश्य देत है। ई बहुत फुर्तीला भी है। ई छोट से मध्यम मशीनन (33 टन से कम) के लिए विकल्प है।
8-लिंक संरचना: भारी सामान के लिए विशेष रूप से बनावा गा है, आमतौर पर 40 टन से अधिक मशीनन पर। ई 6-लिंक डिजाइनन के साथ एक आम समस्या का ठीक करत है जहां पत्थर का ब्लॉक रॉकर आर्म से टकरा सकत है। ई झुकाव-पीछे कोण मा भी सुधार करत है अऊर पूरी मशीन का अउर स्थिर बनावत है। आपका बहुत अच्छा दृश्यता, स्थिर ब्रेकआउट बल अऊर आश्चर्यजनक रूप से कम ईंधन खपत मिलत है। अगर आप खदान मा विशाल ब्लॉकन का स्थानांतरित करत हैं, तौ ई वही है जेका आप चाहत हैं।
चरण 3: चश्मा जवन वास्तव मा मायने रखत हैं
सही विन्यास ई निर्धारित करत है कि आपकी मशीन केतना समय तक चलत है अऊर ई वास्तव मा केतना उपयोगी है।
वजन के साथ सुरक्षित खेलौ: रेटेड उठावै के क्षमता पर हमेशा 10%-20% बफर छोड़ौ। मशीन का ओकरे पूर्ण सीमा तक न धकेलौ या ओका ओवरलोड न करौ-अपने निवेश के रक्षा करौ।
असली उठावै के ताकत: ई बात पर ध्यान दें कि मशीन अपनी अधिकतम ऊंचाई पर वास्तव मा केतना उठा सकत है।
भूभाग अऊर स्थान: अगर आप ढलान पर काम करत हैं, तौ चढ़ाई क्षमता का प्राथमिकता दै। अगर आप भीड़भाड़ वाले स्टॉकयार्ड मा हैं, तौ एक तंग मोड़ त्रिज्या का देखौ।
इंजन: जाने-माने ब्रांडन के साथ रहौ। उ बहुत सारा बिजली, सुसंगत गुणवत्ता, बेहतर धूल प्रतिरोध अऊर कम ईंधन खपत प्रदान करत हैं।
आप चाहे जवन करौ, इन जाल मा न फँसौ:
- अकेले कीमत पर खरीदारी: अगर आप अब एक "सस्ता" मशीन खरीदत हैं, त आप मरम्मत अऊर ईंधन मा बाद मा बहुत अधिक भुगतान करब।
- संरचना के अनदेखा करब: गलत संरचना के साथ एक उच्च - टन मशीन खरीदै का मतलब है कि ई अबहियों एक खदान मा अच्छा प्रदर्शन नाहीं करि।
- ओवर-स्पेसिंग: बहुत अधिक अतिरिक्त क्षमता बफर छोड़ै से आपकी खरीदारी मा अनावश्यक लागत जुड़ जात है।











